श्री जोगणिया माता में निःशुल्क चिकित्सा परामर्श शिविर संपन्न, 315 मरीजों को मिला लाभ ।
बेगूं/चित्तौड़गढ़। श्री जोगणियाँ माता शक्ति पीठ प्रबन्ध एवं विकास संस्थान द्वारा सप्त दिवसीय शिव शक्ति महायज्ञ स्वर्ण कलश प्रतिष्ठा वार्षिक महोत्सव (पाटोत्सव) के शुभ अवसर पर श्री सिद्धि विनायक हॉस्पिटल, भीलवाड़ा के द्वारा एक दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा परामर्श शिविर का सफल आयोजन किया गया।
शिविर के मुख्य बिंदु:
व्यापक चिकित्सा लाभ: शिविर के दौरान लगभग 315 मरीजों को निःशुल्क परामर्श, स्वास्थ्य जांच और आवश्यक चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गईं।
निशुल्क ऑपरेशन हेतु चयन:
गंभीर स्थिति से पीड़ित लगभग 80 मरीजों को चिन्हित कर उन्हें निःशुल्क ऑपरेशन के लिए भीलवाड़ा रेफर किया गया है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं: शिविर में हृदय रोग, यूरोलॉजी, गैस्ट्रोलॉजी सर्जरी, स्त्री व प्रसूति रोग, नाक-कान-गला (ENT) और जनरल फिजिशियन सहित विभिन्न सुपर स्पेशलिटी विशेषज्ञों ने अपनी नि:स्वार्थ सेवाएं दीं।
संस्थान के अध्यक्ष श्री सत्यनारायण जोशी ने भीलवाड़ा से पधारे सभी वरिष्ठ चिकित्सकों एवं स्टाफ को माता की तस्वीर एवं प्रसाद भेंट कर सभी का स्वागत किया एवं बताया कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने के लिए ऐसे शिविर बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने प्रतिबद्धता जताई कि भविष्य में भी आमजन को राहत पहुंचाने और समाज के अंतिम छोर तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए इस प्रकार के निःशुल्क शिविर निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे ।
इस अवसर पर श्री सिद्धिविनायक हॉस्पिटल के डॉक्टर दुष्यंत शर्मा ने बताया किजोगणिया माता सेवा संस्थान एक अनूठा ही सेवा संस्थान है। यहाँ वास्तव में सभी श्रद्धालुओं एवं हिंदू धर्म एवं वेद को प्रचार-प्रसार हेतु जो कार्य हो रहे हैं, वो अनुकरणीय हैं। सभी लोग यहाँ पे सेवा भाव से कार्य कर रहे हैं और आज सिद्धि विनायक हॉस्पिटल को जोगणिया माता की असीम कृपा से आज यहाँ पर चिकित्सा सेवा का एक शिविर लगाने का सौभाग्य प्राप्त हैं। संस्थान में वास्तव में यह एक सेवा का उपक्रम है और यहाँ जो कार्य हो रहे हैं, इस कलयुग में बहुत ही कम देखने को मिलते हैं।
हम जोगणिया माता सेवा संस्थान को माँ से ही ये प्रार्थना करते हैं कि सेवा संस्थान में लगे हुए सभी कर्मठ भक्त जनों को, श्री जोगणिया माता शक्तिपीठ प्रबंध एवं विकास संस्थान ( ट्रस्ट ) के साथ सभी को इतनी शक्ति दे, ऊर्जा दे कि इस पावन तीर्थ का नाम देश में नहीं, पूरे जगत में गुंजायमान हो। यही हमारी शुभकामनाएँ हैं।









