- कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
बेगूं /चित्तौड़गढ़। राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक, पटवारी एवं ग्राम विकास अधिकारी संयुक्त समन्वय समिति उपशाखा बेगूं ने गुरुवार को तहसीलदार गोपाल जीनगर को मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपकर सरकारी अवकाशों के दिनों में कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पांच दिवसीय कार्यप्रणाली लागू होने के बावजूद पिछले तीन वर्षों से शनिवार, रविवार और अन्य राजकीय अवकाशों पर लगातार बैठकें, ग्राम सभाएं, चौपाल, शिविर और निरीक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी कृषि पर्यवेक्षकों, पटवारियों और ग्राम विकास अधिकारियों पर है। अवकाश के दिनों में लगातार ड्यूटी लगाए जाने से कर्मचारियों पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है तथा उनका पारिवारिक और सामाजिक जीवन प्रभावित हो रहा है। बाहरी जिलों से कार्यरत कई कर्मचारी महीनों से अपने घर नहीं जा सके हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि अवकाश के दिनों में कार्य करने के बदले कर्मचारियों को न तो क्षतिपूरक अवकाश दिया जाता है और न ही अतिरिक्त मानदेय मिलता है। ऐसे में संयुक्त समन्वय समिति ने निर्णय लिया है कि भविष्य में आपातकालीन और संकटकालीन परिस्थितियों को छोड़कर शनिवार, रविवार और अन्य राजकीय अवकाशों पर कोई भी कर्मचारी सरकारी बैठक, शिविर, निरीक्षण या अन्य कार्यों में भाग नहीं लेगा।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि अवकाश के दिनों में जारी किए जाने वाले कार्य संबंधी आदेशों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से इस समस्या का समाधान कर कर्मचारियों को निर्धारित अवकाश का लाभ दिलाने की मांग की।
ज्ञापन के दौरान पटवार संघ उपशाखा अध्यक्ष अंकित शर्मा,
ग्राम विकास अधिकारी उपशाखा अध्यक्ष कालू लाल धाकड़,
क़ृषि पर्यवेक्षक उपशाखा अध्यक्ष गोपाल जाट, सहित समिति के सदस्य मौजूद रहे।









