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स्वदेश की खुशबू से सजा चित्तौड़गढ़ का महोत्सव।

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स्वदेश की खुशबू से सजा चित्तौड़गढ़ का महोत्सव ।

चित्तौड़गढ़, 25 दिसंबर। जिले में आयोजित 23 से 28 दिसंबर तक चित्तौड़गढ़ की धरती पर राष्ट्रीय स्वदेशी महोत्सव का भव्य आयोजन हो रहा यह केवल एक मेला नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करता हुआ जीवंत उदाहरण बन चुका चारों ओर स्वदेशी उत्पादों की चमक, लोगों की उमंग और आत्मनिर्भर भारत की गूंज सुनाई दे रही।

मेले में कदम रखते ही ऐसा लगता मानो भारत की आत्मा सजीव हो उठी हो। देश में निर्मित वस्तुओं की आकर्षक स्टॉलें लगी , जहाँ हस्तशिल्प, खादी, घरेलू उत्पाद और ग्रामीण उद्यमिता की सुंदर झलक देखने को मिल रही। हर स्टॉल अपने आप में भारत की मेहनत, हुनर और आत्मसम्मान की कहानी कह रही है।

राजीविका के माध्यम से लगी देशी स्टॉल मेले की विशेष पहचान बनीं। कहीं ठंडी-ठंडी राब, कहीं ताजगी से भरी छाछ तो कहीं गरमागरम पकोड़े और कुरकुरी मक्की की पपड़ी। इन स्वादों ने लोगों को गाँव की मिट्टी से जोड़ दिया। महिलाओं के चेहरों पर आत्मविश्वास की मुस्कान साफ झलक रही थी, मानो वे कह रही हों— “अब हम आत्मनिर्भर हैं।

इस भव्य आयोजन को और अधिक सफल बनाने में सांसद सी.पी. जोशी, विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, जिला कलक्टर आलोक रंजन सहित जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों का पूर्ण सहयोग मिल रहा। उनके मार्गदर्शन और सक्रिय सहभागिता से मेला सुव्यवस्थित, प्रेरणादायी और जनहितकारी बन सका।

शाम होते ही रोशनी से जगमगाता मेला, सांस्कृतिक रंगों में रंग जाता है। परिवारों की मुस्कान, बच्चों की उत्सुकता और युवाओं का उत्साह यह संदेश दे रहा था कि आत्मनिर्भर भारत अब केवल सपना नहीं, बल्कि सच्चाई बन चुका है।

 

यह राष्ट्रीय स्वदेशी महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि स्वदेशी सोच, आत्मनिर्भरता और भारत के उज्ज्वल भविष्य का उत्सव बन रहा हैं।

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